वास्तु शास्त्र में रसोई को केवल भोजन बनाने की जगह नहीं माना गया है, बल्कि इसे घर की आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और सौभाग्य से जोड़ा जाता है।
इसी कारण, अगर किचन में कुछ जरूरी चीजें पूरी तरह खत्म हो जाएं, तो इसे सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि ऊर्जा असंतुलन का संकेत माना जाता है।
Suvich – The Real Astrology के अनुसार, रसोई घर की स्थिति यह तय करती है कि घर में बरकत बनी रहेगी या धीरे-धीरे आर्थिक तंगी बढ़ने लगेगी। खास बात यह है कि वास्तु शास्त्र में रसोई से जुड़ी कुछ छोटी आदतों को भविष्य के संकेतों से जोड़ा गया है।
वास्तु शास्त्र में रसोई का महत्व क्यों है?

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, रसोई में मां अन्नपूर्णा का वास होता है।
इसलिए, जहां अन्न और रसोई से जुड़ी चीजों का सम्मान किया जाता है, वहां कभी अभाव नहीं रहता।
लेकिन, इसके विपरीत अगर रसोई में कुछ वस्तुएं बार-बार खत्म हो जाती हैं, तो यह घर की आर्थिक स्थिरता पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
इसी क्रम में, वास्तु शास्त्र तीन ऐसी चीजों का उल्लेख करता है, जिनका पूरी तरह खाली हो जाना शुभ नहीं माना जाता।
Vastu Shastra के अनुसार रसोई की ये 3 चीजें कभी खाली नहीं होनी चाहिए

1. हल्दी का खत्म होना क्यों माना जाता है अशुभ?
हल्दी को भारतीय परंपरा में अत्यंत शुभ माना गया है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हल्दी का संबंध बृहस्पति ग्रह से होता है, जो धन, ज्ञान और तरक्की का कारक माना जाता है।
इसलिए, जब रसोई में हल्दी पूरी तरह खत्म हो जाती है, तो इसे
कामों में रुकावट, फैसलों में भ्रम और आर्थिक प्रगति की धीमी गति से जोड़ा जाता है।
इसी कारण, वास्तु शास्त्र में सलाह दी जाती है कि हल्दी का डिब्बा कभी पूरी तरह खाली न रहने दें।
2. नमक का खाली होना बढ़ा सकता है तनाव और पैसों की चिंता
नमक सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि वास्तु शास्त्र में नकारात्मक ऊर्जा को संतुलित करने वाला तत्व माना जाता है।
जब नमक पूरी तरह खत्म हो जाता है, तो घर में
बेचैनी, आपसी मतभेद और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
इसके अलावा, मान्यता है कि
न तो नमक उधार लेना चाहिए और
न ही अपने घर में इसे खत्म होने देना चाहिए।
वास्तु के अनुसार, नमक की कमी को पैसों की रुकावट से भी जोड़ा जाता है।
3. चावल का डिब्बा खाली होना क्यों माना जाता है चिंता का संकेत?
चावल को कभी खत्म न होने वाला अन्न कहा गया है।
इसे मां अन्नपूर्णा के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है।
अगर रसोई में चावल पूरी तरह खत्म हो जाएं, तो
घर की सुख-शांति पर असर पड़ सकता है और
फिजूलखर्ची बढ़ने लगती है।
इसीलिए, वास्तु शास्त्र में यह सलाह दी जाती है कि
चावल का डिब्बा खाली होने से पहले ही उसमें नया चावल डाल दिया जाए, ताकि बरकत बनी रहे।
Suvich – The Real Astrology की खास सलाह
वास्तु शास्त्र हमें यह समझाता है कि
छोटी-छोटी आदतें ही बड़े बदलावों की वजह बनती हैं।
अगर रसोई में हल्दी, नमक और चावल जैसी चीजों का सम्मान रखा जाए,
तो घर में न सिर्फ भोजन की कमी नहीं होती, बल्कि आर्थिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है।
अंततः, रसोई की देखभाल करना केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि भाग्य को संतुलित रखने का उपाय भी माना जाता है।

