घटना: Ketu Nakshatra Parivartan 2026 तिथि: 20 अप्रैल 2026 अप्रैल के आखिरी दिनों में ग्रहों की चाल एक बार फिर बदलाव का संकेत दे रही है।इस बार
ग्रह परिवर्तन: Shukra Nakshatra Parivartan 2026 तिथि: 16 अप्रैल 2026 (रात 10:19 बजे) इस दिन Shukra भरणी नक्षत्र से निकलकर कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और फिर
🗓 तिथि: 19 अप्रैल 2026महत्व: यह दिन बिना मुहूर्त के शुभ कार्य शुरू करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। “अक्षय” का अर्थ है – जो कभी
वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य को आत्मा, आत्मविश्वास, नेतृत्व, पिता और सरकारी कार्यों का कारक ग्रह माना जाता है। जब सूर्य राशि परिवर्तन करते हैं, तो इसका
19 मार्च 2026 से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हो रही है, जिसे ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार रौद्र संवत्सर कहा जा रहा है। यह संवत्सर
13 मार्च 2026 से 21 अप्रैल 2026 तक Shani Dev अस्त अवस्था में रहेंगे। वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन और न्याय का ग्रह माना जाता
Holi 2026 से पहले बनेगा डबल राजयोग Holi 2026 इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ मानी जा रही है। पंचांग के अनुसार होली से पहले कुंभ
Budh Vakri 2026: 26 फरवरी 2026 से बुध ग्रह कुंभ राशि में वक्री होने जा रहे हैं और यह स्थिति 20 मार्च 2026 तक बनी रहेगी। ज्योतिष
March Grah Gochar 2026: मार्च 2026 की शुरुआत बेहद खास रहने वाली है, क्योंकि 2 से 5 मार्च के बीच शुक्र, मंगल और सूर्य सहित कई ग्रह
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज, 17 फरवरी 2026 को लग रहा है। हालांकि यह खगोलीय रूप से बेहद खास है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही

