About Author

Morgan Howen

Morgan is an example author of everest news. She has just a dummy image & content. Sedut perspiciatis unde omnis iste natus error sit voluptatem accusantium doloremque

Shardiya Navratri 2026: नवरात्र व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? जानें पूरी लिस्ट

Suvich – The Real Astrology

शारदीय नवरात्र हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। साथ ही, कई लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार नौ दिनों तक व्रत भी रखते हैं। इस वर्ष शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक मनाए जा रहे हैं।

नवरात्र के दौरान पूजा-पाठ के साथ खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है। कुछ लोग पूरे नौ दिन फलाहार करते हैं, जबकि दूसरे लोग पहले और आखिरी दिन व्रत रखते हैं। वहीं, कुछ भक्त अपनी सेहत और क्षमता के अनुसार व्रत का तरीका चुनते हैं।

हालांकि, व्रत रखने का तरीका परिवार, क्षेत्र और धार्मिक परंपराओं के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए व्रत के दौरान उन्हीं खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिन्हें आपकी परंपरा में स्वीकार किया जाता है।

अगर आप भी इस नवरात्र व्रत रख रहे हैं, तो आइए जानते हैं कि व्रत में क्या खाना चाहिए, किन चीजों से परहेज करना चाहिए और खानपान के दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

नवरात्र व्रत में क्या खाएं?

नवरात्र के दौरान फल, दूध, मेवे और कुछ विशेष अनाजों से बने व्यंजन खाए जाते हैं। इसके अलावा, कई लोग सेंधा नमक का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, व्रत में स्वीकार किए जाने वाले खाद्य पदार्थ अलग-अलग परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं।

1. कुट्टू, सिंघाड़े और राजगिरा का आटा

नवरात्र व्रत में गेहूं के आटे की जगह कुट्टू, सिंघाड़े और राजगिरा के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। इनसे पूरी, रोटी, चीला और अन्य व्रत के व्यंजन बनाए जा सकते हैं।

इसके अलावा, समा के चावल भी कई परिवारों में व्रत के दौरान खाए जाते हैं। इनसे खिचड़ी या अन्य हल्के व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं।

2. फल और मौसमी फलाहार

व्रत के दौरान फल खाना एक लोकप्रिय विकल्प है। आप अपनी पसंद और उपलब्धता के अनुसार सेब, केला, अनार, पपीता, संतरा और अन्य मौसमी फलों का सेवन कर सकते हैं।

फलों से शरीर को पानी, फाइबर और विभिन्न पोषक तत्व मिलते हैं। इसलिए फलाहार के दौरान इन्हें शामिल करना उपयोगी हो सकता है।

3. व्रत में खाई जाने वाली सब्जियां

कई धार्मिक परंपराओं में आलू, शकरकंद, कद्दू, लौकी, खीरा, अरबी, रतालू और गाजर जैसी सब्जियां व्रत में खाई जाती हैं।

इनसे आप हल्की सब्जी, उबले हुए व्यंजन या अन्य फलाहारी पकवान बना सकते हैं। हालांकि, टमाटर, अदरक और दूसरी सामग्री का इस्तेमाल अपनी पारिवारिक व्रत परंपरा के अनुसार करें।

4. दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थ

दूध, दही, पनीर, छाछ, लस्सी और मक्खन जैसे खाद्य पदार्थ कई प्रकार के व्रत में स्वीकार किए जाते हैं। इनके अलावा, कुछ लोग अपने भोजन में देसी घी का भी इस्तेमाल करते हैं।

दूध और दही से प्रोटीन तथा कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। इसलिए इन्हें अपनी जरूरत और सहनशीलता के अनुसार भोजन में शामिल किया जा सकता है।

5. साबूदाना और समा के चावल

साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा और समा के चावल की खिचड़ी नवरात्र के लोकप्रिय व्यंजन हैं। इन्हें आलू, मूंगफली और सेंधा नमक के साथ तैयार किया जा सकता है।

हालांकि, इन्हें बनाते समय तेल और घी की मात्रा का ध्यान रखें। बहुत अधिक तले हुए व्यंजन खाने के बजाय हल्के विकल्प चुनना बेहतर हो सकता है।

6. सूखे मेवे और मेवे

बादाम, काजू, अखरोट, किशमिश, मखाना और मूंगफली व्रत के दौरान खाए जाने वाले लोकप्रिय विकल्प हैं।

इन्हें नाश्ते या हल्के भोजन के रूप में लिया जा सकता है। साथ ही, मखाने को कम घी में भूनकर भी खाया जा सकता है।

7. सेंधा नमक और व्रत के मसाले

नवरात्र व्रत में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है।

इसके अलावा, जीरा, काली मिर्च, हरी मिर्च और कुछ अन्य मसालों का इस्तेमाल भी किया जाता है। हालांकि, मसालों के मामले में अपनी धार्मिक परंपरा के नियमों का ध्यान रखें।

नवरात्र व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?

व्रत के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज किया जाता है। विशेष रूप से अनाज, दालें और कुछ मसाले कई व्रत परंपराओं में वर्जित माने जाते हैं।

1. गेहूं, चावल और दालें

नवरात्र के पारंपरिक फलाहार में सामान्यतः गेहूं, साधारण चावल, सूजी, मैदा, बेसन और विभिन्न दालों से परहेज किया जाता है।

इसके बजाय, कई लोग कुट्टू, सिंघाड़े, राजगिरा और समा के चावल जैसे विकल्प चुनते हैं। ध्यान दें कि व्रत के नियम हर परिवार में एक जैसे नहीं होते।

2. साधारण नमक और कुछ मसाले

कई परिवार व्रत में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, राई और हींग जैसे मसालों से भी कुछ परंपराओं में परहेज किया जाता है।

हालांकि, सभी मसालों पर हर जगह एक समान प्रतिबंध नहीं है। इसलिए भोजन तैयार करने से पहले अपनी परंपरा के अनुसार सामग्री चुनें।

3. प्याज और लहसुन

नवरात्र के दौरान कई भक्त सात्विक भोजन करते हैं। इस वजह से प्याज और लहसुन का सेवन नहीं किया जाता।

सात्विक भोजन में आमतौर पर सरल तरीके से तैयार किए गए खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। इसलिए व्रत के दौरान भोजन बनाते समय सामग्री और पकाने के तरीके पर ध्यान दिया जाता है।

4. मांसाहारी भोजन और अंडे

नवरात्र में व्रत रखने वाले भक्त सामान्यतः मांस, मछली और अंडे का सेवन नहीं करते। कई परिवार पूरे नवरात्र के दौरान भी शाकाहारी भोजन करते हैं।

यह परंपरा धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत संकल्प से जुड़ी है।

5. शराब और अन्य नशीले पदार्थ

नवरात्र के दौरान शराब और नशीले पदार्थों से परहेज करने की परंपरा है। कई भक्त इस समय संयमित दिनचर्या अपनाते हैं और पूजा-पाठ पर ध्यान देते हैं।

6. पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड

बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड स्नैक्स, सॉस, केचप और तैयार खाद्य पदार्थों में ऐसी सामग्री हो सकती है, जो आपके व्रत के नियमों के अनुकूल न हो।

इसलिए किसी भी पैकेज्ड उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी सामग्री की सूची पढ़ें। यदि आप सख्त फलाहार कर रहे हैं, तो घर पर ताजा भोजन तैयार करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

नवरात्र व्रत में पूरे दिन क्या खाएं?

व्रत के दौरान भोजन की योजना बनाना उपयोगी है। इससे लंबे समय तक भूखे रहने या एक ही बार में बहुत अधिक खाने से बचने में मदद मिल सकती है।

आप अपनी जरूरत और व्रत के नियमों के अनुसार इस तरह का एक सामान्य फलाहार रूटीन अपना सकते हैं।

सुबह: फल, दूध या अपनी परंपरा के अनुसार हल्का फलाहार।

दोपहर: समा के चावल की खिचड़ी, कुट्टू की रोटी या सेंधा नमक से तैयार सब्जी।

शाम: मखाना, कुछ मेवे या मौसमी फल।

रात: हल्की सब्जी, साबूदाना या अन्य स्वीकार्य फलाहारी व्यंजन।

यह केवल एक सामान्य उदाहरण है। अपने स्वास्थ्य, भूख और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार भोजन की मात्रा तय करें।

नवरात्र व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

नवरात्र में खानपान के साथ शरीर की जरूरतों का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, यदि आपके व्रत में इसकी अनुमति है।
  • लंबे समय तक कमजोरी महसूस होने पर अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
  • बहुत अधिक तले हुए और मीठे व्यंजनों का सेवन सीमित रखें।
  • फल, दूध, मेवे और स्वीकार्य अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को संतुलित तरीके से शामिल करें।
  • पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी सामग्री जांचें।
  • यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है या नियमित दवाएं लेते हैं, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मधुमेह जैसी स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को लंबे समय तक भूखे रहने या निर्जला व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

नवरात्र में सात्विक भोजन का क्या महत्व है?

हिंदू धार्मिक परंपराओं में नवरात्र को पूजा, साधना, संयम और आत्मचिंतन का समय माना जाता है। इसी कारण कई भक्त इन दिनों सात्विक भोजन करते हैं।

सात्विक भोजन का उद्देश्य केवल कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करना नहीं है। इसके साथ ही, शुद्धता, संयम और संतुलित दिनचर्या पर भी जोर दिया जाता है।

हालांकि, सात्विक भोजन की परिभाषा और व्रत के नियम परिवार, समुदाय और क्षेत्र के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए अपनी आस्था के अनुसार नियमों का पालन करें और साथ ही शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को भी समझें।

निष्कर्ष

शारदीय नवरात्र मां दुर्गा की आराधना और आध्यात्मिक साधना का विशेष पर्व है। इस दौरान कई भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं और सात्विक भोजन करते हैं।

व्रत में कुट्टू, सिंघाड़े और राजगिरा का आटा, समा के चावल, साबूदाना, फल, दूध, मेवे और स्वीकार्य सब्जियां खाई जा सकती हैं। वहीं, गेहूं, साधारण चावल, दालें, प्याज-लहसुन और मांसाहारी भोजन से कई पारंपरिक व्रतों में परहेज किया जाता है।

हालांकि, व्रत के नियम हर जगह समान नहीं हैं। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा का ध्यान रखें और स्वास्थ्य के अनुसार भोजन चुनें।

नवरात्र में श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की पूजा करें। साथ ही, पर्याप्त पोषण, पानी और आराम का भी ध्यान रखें।

ज्योतिष, व्रत-त्योहार और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए Suvich – The Real Astrology पर जाएं। आध्यात्मिक और ज्योतिषीय उत्पादों के लिए Suvich Store भी देख सकते हैं।

डिस्क्लेमर

यह लेख धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं और सामान्य खानपान संबंधी जानकारी पर आधारित है। व्रत के नियम विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परिवारों के अनुसार अलग हो सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर व्रत रखने से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह लें।

Astro Rishi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *