साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज, 17 फरवरी 2026 को लग रहा है। हालांकि यह खगोलीय रूप से बेहद खास है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या इसका असर भारत में पड़ेगा? आइए Suvich – The Real Astrology के अनुसार इसे सरल और स्पष्ट शब्दों में समझते हैं।
🕒 सूर्य ग्रहण 2026 का समय (Indian Time)
भारतीय समय के अनुसार:
- 🌑 शुरुआत: दोपहर 3:26 बजे
- 🌒 मध्य काल: शाम 5:40 बजे
- 🌘 समापन: शाम 7:57 बजे
- ⏳ कुल अवधि: लगभग 4 घंटे 32 मिनट
हालांकि यह एक वलयाकार (Annular) सूर्य ग्रहण है, लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा।

🔥 रिंग ऑफ फायर क्या है?
इस ग्रहण के दौरान करीब 2 मिनट 20 सेकंड तक “Ring of Fire” का अद्भुत दृश्य बनेगा।
जब चंद्रमा सूर्य के लगभग 96% हिस्से को ढक लेगा और केवल किनारे पर चमकती रोशनी दिखेगी, तब आकाश में आग की अंगूठी जैसा दृश्य बनेगा।
लेकिन ध्यान दें — यह नज़ारा भारत से नहीं दिखेगा।
❓ क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
अब सबसे जरूरी बात 👇
चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए शास्त्रों के अनुसार:
- ❌ सूतक काल मान्य नहीं होगा
- ❌ मंदिरों के पट बंद नहीं होंगे
- ❌ भोजन-पूजा पर कोई विशेष रोक नहीं
अर्थात, भारत में सामान्य दिन की तरह दिनचर्या चलती रहेगी।
🌍 किन देशों में दिखेगा ग्रहण?
यह ग्रहण मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में दिखाई देगा:
- दक्षिण अफ्रीका
- जिम्बाब्वे
- जाम्बिया
- तंजानिया
- मॉरिशस
- अंटार्कटिका
- दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्से (अर्जेंटीना, चिली)
जो भारतीय इन देशों में हैं, वे स्थानीय नियमों के अनुसार सूतक मान सकते हैं।
🔮 ज्योतिषीय दृष्टि से क्या है खास?
Suvich – The Real Astrology के अनुसार:
- ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है।
- सूर्य और राहु की युति से ग्रहण योग बन रहा है।
- मिथुन लग्न का प्रभाव संचार, मीडिया और तकनीक से जुड़ा माना जाता है।
कुछ ज्योतिषीय मतों के अनुसार इस दौरान:
- संचार प्रणाली में अस्थायी बाधा
- नीतिगत या प्रशासनिक चर्चा
- मानसिक भ्रम या निर्णय में देरी
हालांकि, इन्हें केवल ज्योतिषीय संकेत के रूप में ही देखना चाहिए।
🌞 सूर्य ग्रहण क्या होता है?
जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य व पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब सूर्य की रोशनी आंशिक रूप से ढक जाती है। जहां चंद्रमा की छाया पड़ती है, वहीं सूर्य ग्रहण दिखाई देता है।
🙏 ग्रहण के दौरान क्या करें?
चूंकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा:
- किसी विशेष सावधानी की आवश्यकता नहीं
- गर्भवती महिलाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं
- पूजा-पाठ सामान्य रूप से कर सकते हैं
जहां ग्रहण दिखाई देगा, वहां लोग मंत्र जाप, ध्यान या स्नान-दान कर सकते हैं — यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर है।

♒ क्या राशियों पर असर पड़ेगा?
कुंभ राशि में सूर्य-राहु की स्थिति के कारण कुछ लोगों को:
- मानसिक उलझन
- निर्णय में असमंजस
- आर्थिक फैसलों में सावधानी की जरूरत
खासकर कुंभ राशि वालों को सलाह दी जाती है कि ग्रहण के बाद लगभग एक महीने तक बड़े निवेश या संपत्ति संबंधी फैसले सोच-समझकर लें।
📌 निष्कर्ष
हालांकि Surya Grahan 2026 खगोलीय दृष्टि से बेहद खास है और “Ring of Fire” का सुंदर दृश्य बनेगा, लेकिन भारत में इसके न दिखाई देने के कारण:
👉 सूतक काल लागू नहीं होगा
👉 सामान्य दिनचर्या जारी रहेगी
फिर भी, ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय आत्मचिंतन और संयम का संदेश देता है।

