फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाने वाली Aamlaki Ekadashi 2026 न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैवाहिक जीवन की शुरुआत कर चुकी महिलाओं के लिए विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। Suvich – The Real Astrology के अनुसार, यह व्रत सौभाग्य, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है।
हालांकि सभी एकादशी व्रत पुण्यदायी होते हैं, लेकिन आमलकी एकादशी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष विधान है।
Aamlaki Ekadashi 2026 Date और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार:
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 27 फरवरी 2026, सुबह 12:33 बजे से
- एकादशी तिथि समाप्त: 27 फरवरी 2026, रात 10:32 बजे तक
- व्रत रखने की तिथि: 27 फरवरी 2026, शुक्रवार (उदया तिथि के अनुसार)
चूंकि इस दिन शुक्रवार भी है, इसलिए लक्ष्मी-नारायण का विशेष संयोग बन रहा है। परिणामस्वरूप, यह व्रत धन और सौभाग्य की दृष्टि से और भी प्रभावशाली माना जा रहा है।

नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों है खास?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे। इसलिए इसे रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है।
इसी कारण, जो महिलाएं विवाह के बाद प्रारंभिक वर्षों में यह व्रत रखती हैं, उन्हें:
- दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य
- सौभाग्य की वृद्धि
- ससुराल में सम्मान
- संतान सुख का आशीर्वाद
प्राप्त होता है।
Suvich – The Real Astrology के ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यदि विवाह के बाद पहले तीन वर्षों में आमलकी एकादशी का व्रत श्रद्धा से किया जाए, तो वैवाहिक जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।
स्वास्थ्य और आध्यात्म का संगम
‘आमलकी’ का अर्थ है आंवला। आयुर्वेद में आंवला अमृत समान माना गया है।
- यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
- त्वचा और बालों के लिए लाभकारी है
- मानसिक शांति प्रदान करता है
अतः इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने के साथ उसका सेवन करना आध्यात्मिक और शारीरिक दोनों दृष्टि से लाभदायक है।

इस दिन क्या करें? (पूजा विधि)
1️⃣ आंवले के वृक्ष की पूजा
सबसे पहले स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें। इसके बाद आंवले के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें और 11 या 21 बार परिक्रमा करें।
2️⃣ भगवान विष्णु की आराधना
इस दिन भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल और फल अर्पित करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।
3️⃣ आंवले का दान
जरूरतमंदों को आंवला दान करना पुण्य को कई गुना बढ़ा देता है। साथ ही प्रसाद रूप में आंवले का सेवन भी करें।
4️⃣ गुलाल अर्पित करें
चूंकि इसे रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है, इसलिए भगवान विष्णु और शिव-पार्वती को गुलाल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
आमलकी एकादशी के चमत्कारी लाभ
✔ पापों से मुक्ति और मानसिक शांति
✔ मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त
✔ आर्थिक उन्नति और धन लाभ
✔ वैवाहिक जीवन में स्थिरता
✔ संतान प्राप्ति में सहायक
विशेष रूप से, जब एकादशी शुक्रवार को आती है, तब लक्ष्मी-नारायण योग बनने से धन और ऐश्वर्य में वृद्धि के संकेत मिलते हैं।
पौराणिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, आंवले का वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है क्योंकि इसकी उत्पत्ति उनके अश्रुओं से हुई मानी जाती है। इसलिए इस दिन आंवले की पूजा करना सीधे श्रीहरि की पूजा के समान फल देता है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, Aamlaki Ekadashi 2026 केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि नवविवाहित महिलाओं के लिए सौभाग्य और समृद्धि का द्वार खोलने वाला पर्व है। यदि श्रद्धा, नियम और सकारात्मक भावना के साथ यह व्रत किया जाए, तो जीवन में सुख-शांति और प्रेम का संचार अवश्य होता है।
Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है। व्यक्तिगत जीवन में किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

