Hanuman Chalisa का पाठ भक्तों के लिए एक दिव्य सुरक्षा कवच माना जाता है। खासकर मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा, व्रत और हनुमान चालीसा पाठ का विशेष महत्व बताया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ विशेष परिस्थितियों में Hanuman Chalisa Path करना वर्जित माना गया है? अगर इन नियमों की अनदेखी की जाए, तो साधना का पूर्ण फल नहीं मिलता।
आइए, Suvich-The Real Astrology के अनुसार जानते हैं कि किन स्थितियों में हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए।

🚫 कब नहीं करना चाहिए Hanuman Chalisa का पाठ?
1️⃣ दोपहर के समय
मान्यता है कि दोपहर में हनुमान जी लंका में श्रीराम सेवा में रहते हैं। इसलिए इस समय पाठ करने से बचना चाहिए। बेहतर है कि सुबह ब्रह्म मुहूर्त या शाम के समय पाठ करें।
2️⃣ सूतक काल में
परिवार में किसी की मृत्यु या शिशु जन्म के बाद सूतक काल में मूर्ति स्पर्श और पाठ वर्जित माना गया है। हालांकि, मानसिक जप किया जा सकता है।
3️⃣ मासिक धर्म के दौरान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय महिलाएं हनुमान चालीसा का ऊँचे स्वर में पाठ न करें, लेकिन मन ही मन स्मरण कर सकती हैं।
4️⃣ तामसिक भोजन के बाद
हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं। इसलिए मांस, मदिरा या तामसिक भोजन के सेवन के तुरंत बाद पाठ करना उचित नहीं माना गया है।
5️⃣ अशुद्ध वस्त्र या मन अशांत हो तो
गंदे वस्त्र, क्रोध या नकारात्मक भाव के साथ किया गया पाठ पूर्ण फल नहीं देता। पहले स्वयं को शांत और शुद्ध करें।
ये भी पढ़ें: Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर पूजा के बाद घर लाएं ये 1 चीज, बढ़ेगी धन-समृद्धि!
✅ सही विधि से करें Hanuman Chalisa Path
- ऊन या कुशा के आसन पर बैठकर पाठ करें।
- चमेली के तेल या घी का दीपक जलाएं।
- मंगलवार और शनिवार को 7, 11 या 108 बार पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।
- अंत में श्रीराम नाम का स्मरण अवश्य करें।
यदि आप हनुमान जी की कृपा पाना चाहते हैं, तो नियम और श्रद्धा दोनों का संतुलन जरूरी है। सही समय, सही विधि और शुद्ध मन—यही है सफल Hanuman Chalisa Path का रहस्य।
👉 पूजा सामग्री, रुद्राक्ष, और विशेष हनुमान यंत्र के लिए विजिट करें: Suvich Store (Official Spiritual Store)
धार्मिक नियमों और ज्योतिषीय मार्गदर्शन से जुड़ी ऐसी ही रहस्यमयी जानकारियों के लिए जुड़े रहें — Suvich The Real Astrology

