Suvich – The Real Astrology के अनुसार, भारत में होली जहां रंग और उत्साह का पर्व है, वहीं काशी की मसान होली आध्यात्मिक रहस्य, वैराग्य और मृत्यु-तत्व का प्रतीक मानी जाती है। आइए जानते हैं Masan Holi 2026 kab hai, इसका महत्व क्या है और महिलाओं को इससे दूर रखने के पीछे क्या धार्मिक कारण बताए जाते हैं।
Masan Holi 2026 कब है?
काशी में मसान होली 28 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। यह आयोजन रंगभरी एकादशी के बाद होता है और मुख्य रूप से श्मशान घाट पर आयोजित किया जाता है।
क्या है मसान होली?
मसान शब्द का अर्थ है श्मशान। काशी में यह अनोखी होली वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर खेली जाती है।
यहां रंग और गुलाल नहीं, बल्कि चिता की राख (भस्म) से होली खेली जाती है। इस परंपरा को भस्म होली या भभूत होली भी कहा जाता है।
मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं श्मशान में अपने गणों, अघोरियों और भक्तों के साथ भस्म से होली खेलते हैं।

कैसे हुई मसान होली की शुरुआत?
पौराणिक कथा के अनुसार, रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव माता पार्वती को काशी लेकर आए और गुलाल से होली खेली।
लेकिन उनके प्रिय गण — भूत, प्रेत, पिशाच और अघोरी — उस उत्सव में शामिल नहीं हो पाए। इसलिए अगले दिन भगवान शिव श्मशान घाट पहुंचे और अपने इन भक्तों के साथ चिता की भस्म से होली खेली।
तभी से यह परंपरा मसाने की होली के रूप में प्रसिद्ध हो गई।

महिलाओं को क्यों रखा जाता है दूर?
मसान होली से जुड़ी कुछ धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताएं हैं, जिनके कारण महिलाओं और बच्चों का वहां जाना वर्जित माना जाता है।
1️⃣ नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्मशान घाट पर सूक्ष्म शक्तियां और अदृश्य ऊर्जा सक्रिय रहती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से महिलाओं और बच्चों को वहां जाने से रोका जाता है।
2️⃣ वैराग्य और मृत्यु का प्रतीक
श्मशान को वैराग्य और जीवन की अनित्यता का प्रतीक माना जाता है। यह स्थान गृहस्थ जीवन से अलग आध्यात्मिक साधना का केंद्र माना गया है।
3️⃣ भावनात्मक संवेदनशीलता
परंपरागत मान्यताओं के अनुसार, श्मशान का वातावरण मानसिक रूप से संवेदनशील लोगों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है, इसलिए उन्हें दूर रहने की सलाह दी जाती है।
🌍 विश्व प्रसिद्ध है काशी की मसान होली
आज काशी की यह अनोखी होली देखने के लिए देश-विदेश से हजारों पर्यटक आते हैं। यह उत्सव जीवन और मृत्यु के गहरे संबंध को दर्शाता है और यही काशी की आध्यात्मिक पहचान है।
📝 Disclaimer
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। Suvich – The Real Astrology इसकी वैज्ञानिक पुष्टि का दावा नहीं करता। कृपया इसे आस्था और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से पढ़ें।

