क्या होती है मारकेश दशा? कहीं आपकी कुंडली में भी तो नहीं है? जानिये- क्या होता है इसका प्रभाव

मारकेश दशा ग्रहों में बहुत ही अशुभ मानी गई है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन ग्रहों की दशा आने पर जीवन में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। कई बार तो इन दशाओं के प्रकोप से व्यक्ति को मृत्यु कष्ट का भी सामना करना पड़ जाता है।

वैसे तो मनुष्य की कुंडली बहुत से ऐसे ग्रह हैं, जिनकी दशा, महादशा बेहद ही अशुभ मानी जाती है। सभी ग्रहों का अपना विशेष व्यवहार होता है। इसके फलस्वरूप ही ये ग्रह अपने शुभ या अशुभ फल देते हैं। ज्योतिष में वर्णित मारक ग्रह या मारकेश दशा बहुत ही विचित्र होती है। आइये जानते हैं कुंडली में कैसे बनता है मारकेश दशा का योग? क्या हो सकते हैं इसके प्रभाव और उपाय:

कैसे बनता है कुंडली में मारकेश दशा का योग 

मारकेश दशा का योग

कुंडली में मारकेश दशा पर विचार करने के लिए दूसरा, सातवां, छठा, अष्टम और बारहवें भाव का विश्लेषण करना जरूरी होता है। जन्म कुंडली में आठवें भाव द्वारा व्यक्ति की आयु का विश्लेषण किया जाता है। छठे भाव से जातक के स्वस्थ्य के बारे में अनुमान लगाया जाता है। जैसेकि कौन सा रोग है जो जातक को परेशान कर सकता है। वहीं सातवें और दूसरे भाव को मृत्यु या मारक स्थान माना गया है। इसमें दूसरा भाव प्रबल मारक माना जाता है।

इसके साथ ही अन्य रूप से यह धन और वाणी का भाव भी होता है। अगर बारहवें भाव की बात करें? तो इसे अत्यधिक व्यय (खर्च) का स्थान माना गया है। इसका उदाहरण यह है कि जब मनुष्य के शरीर में कोई रोग होता है! तो उसके शरीर की ऊर्जा खर्च हो जाती है। इससे रोग के ऊपर काफी धन भी खर्च होता है। इसलिए बारहवें भाव पर विचार करना भी जरूरी हो जाता है।

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सूर्य और चंद्रमा को कभी नहीं लगता मारकेश दोष

सूर्य और चंद्रमा में नहीं लगता मारकेश दोष

ज्योतिष शास्त्र में अलग- अलग लग्नों में भिन्न- भिन्न ग्रह मारकेश बताए गए हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि सूर्य और चंद्रमा ग्रहों को मारकेश दोष नहीं लगता। मेष में लग्न के लिए शुक्र मारकेश होने पर भी मारकेश का कार्य नहीं करता है। यदि मनुष्य की कुंडली में राहु- केतु छठे, आठवें और बारहवें भाव में स्थित हो? तो वह मारक ग्रह का फल देते हैं।

मनुष्य के जीवन पर मारकेश दशा का प्रभाव

मारकेश दशा का प्रभाव

मारकेश दशा में व्यक्ति को सतर्क रहना चाहिए। इस समय जातक को विभिन्न प्रकार की मानसिक, शारीरिक परेशानियां का सामना करना पड़ सकता है। बिमारियों पर धन अधिक खर्च हो सकता है। ये व्यक्ति के जीवन में समस्या और संघर्ष पैदा कर देते हैं। इसके साथ ही मारकेश की दशा में जातक को कोई गंभीर बीमारी, वाहन दुर्घटना, व्यापार में हानि, मित्रों या संबंधियों से धोखा भी मिल सकता है। अक्सर कई लोग मारकेश की दशा का नाम सुनकर भयभीत हो जाते हैं। इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। जातक को स्वयं पर नियंत्रण, सहनशक्ति और मारकेश ग्रह के उपाय कराने की जरूरत है। संभव है इसके नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सकता है।

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मारकेश दशा के लिए करें ये उपाय

मारकेश दशा के उपाय
  • इसमें व्यक्ति को सोमवार को भगवान शंकर का रुद्राभिषेक करना चाहिए। तत्पश्चात विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। 
  • महामृत्युंजय मंत्र का लगभग सवा लाख बार जाप करें।
  • मारक ग्रह से संबंधित जो वस्तुएं है उनका दान करना चाहिए।
  • हर मंगलवार को हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें।
  • प्रतिदिन एक माला रोग नाशक मंत्र का जप करने से रोगों से लाभ मिल सकता है।

Astro Pawan Sharma

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