Hanuman Jayanti के पावन अवसर पर देशभर में भक्तगण पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा, मंत्र जाप और आरती करने से जीवन के सभी कष्ट, भय और बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
🔱 हनुमान जयंती का ज्योतिषीय महत्व (Real Astrology Insight)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार:
- हनुमान जी को मंगल ग्रह (Mars) का कारक माना जाता है
- जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष, शनि दोष या राहु-केतु का प्रभाव होता है, उनके लिए यह दिन विशेष फलदायी होता है
- आज के दिन:
- मंगल शांति के लिए हनुमान मंत्र का जाप करें
- शनि पीड़ा से राहत के लिए हनुमान चालीसा पढ़ें
- लाल वस्त्र, सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना शुभ होता है
👉 ज्योतिष अनुसार यह दिन “संकट निवारण और शक्ति प्राप्ति” का सर्वोत्तम समय माना जाता है।

श्री हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे।
रोग दोष जाके निकट न झांके।।
अंजनि पुत्र महाबलदायी।
संतान के प्रभु सदा सहाई।।
दे बीरा रघुनाथ पठाए।
लंका जारी सिया सुध लाए।।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई।
जात पवनसुत बार न लाई।।
लंका जारी असुर संहारे।
सियारामजी के काज संवारे।।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।
आणि संजीवन प्राण उबारे।।
पैठी पताल तोरि जमकारे।
अहिरावण की भुजा उखाड़े।।
बाएं भुजा असुर दल मारे।
दाहिने भुजा संतजन तारे।।
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे।
जै जै जै हनुमान उचारे।।
कंचन थार कपूर लौ छाई।
आरती करत अंजना माई।।
लंका विध्वंस कीन्ह रघुराई।
तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।।
जो हनुमानजी की आरती गावै।
बसी बैकुंठ परमपद पावै।।

हनुमान जी के शक्तिशाली मंत्र
1. हनुमान बीज मंत्र
ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्रीराम दूताय नमः॥
2. पंचमुखी हनुमान मंत्र
ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय, पूर्वकपि मुखाय,
सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा॥
3. संकटमोचन मंत्र
ॐ हनुमते नमः॥
4. हनुमान गायत्री मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे, वायुपुत्राय धीमहि,
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
आज के दिन क्या करें (Spiritual Tips)
- सुबह स्नान कर लाल वस्त्र धारण करें
- हनुमान जी को चोला, सिंदूर, गुड़-चना अर्पित करें
- 11, 21 या 108 बार मंत्र जाप करें
- हनुमान चालीसा का पाठ करें
- जरूरतमंदों को दान करें

